क्या आपका बच्चा सुबह होते ही preschool जाने से मना कर देता है? क्या वह रोता है, गुस्सा करता है या आपका हाथ पकड़कर घर पर रुकने की जिद करता है? अगर हाँ, तो परेशान होने की जरूरत नहीं है। बहुत से माता पिता इसी स्थिति से गुजरते हैं और अक्सर इंटरनेट पर यह खोजते हैं कि बच्चा preschool जाने से मना करे तो क्या करें।
छोटे बच्चों के लिए पहली बार घर से दूर जाना आसान नहीं होता। नया माहौल, नए लोग और परिवार से अलग होने का डर उन्हें परेशान कर सकता है। कई माता पिता यह भी जानना चाहते हैं कि बच्चे का स्कूल का डर कैसे कम करें और preschool separation anxiety को आसान तरीके से कैसे संभालें। अच्छी बात यह है कि सही समझ, प्यार और थोड़े धैर्य से इस समस्या को धीरे धीरे कम किया जा सकता है।
जब बच्चा पहली बार preschool जाता है, तब उसके लिए सबकुछ नया होता है। उसे समझ नहीं आता कि वह वहां कितना समय रहेगा और घर कब आएगा। कई बार बच्चे को लगता है कि मम्मी पापा उसे छोड़कर चले जाएंगे। यह डर सामान्य होता है। इसी वजह से कई बच्चे शुरुआत में स्कूल जाने से बचने लगते हैं।
कुछ बच्चों को भीड़ पसंद नहीं होती। कुछ बच्चों को तेज आवाज से डर लगता है। कई बार बच्चा पहले दिन किसी छोटी बात से घबरा जाता है और फिर अगले दिन स्कूल नहीं जाना चाहता। माता पिता को यह समझना चाहिए कि हर बच्चा अलग होता है और उसकी भावनाएं भी अलग होती हैं।
बहुत से माता पिता गुस्से में बच्चे को डांट देते हैं। इससे बच्चा और ज्यादा डर सकता है। अगर बच्चा स्कूल नहीं जाना चाहता, तो पहले उसकी बात ध्यान से सुनें। उससे प्यार से पूछें कि उसे किस बात से डर लगता है। जब बच्चा महसूस करता है कि उसकी बात सुनी जा रही है, तब वह थोड़ा सहज महसूस करता है।
अगर बच्चा preschool जाने से रोता है, तो उसके रोने को नजरअंदाज न करें। उसे भरोसा दिलाएं कि आप हमेशा उसके साथ हैं और स्कूल उसके लिए सुरक्षित जगह है।
सुबह अगर घर में जल्दीबाजी और तनाव होगा, तो बच्चा भी परेशान हो सकता है। बच्चे को आराम से उठाएं। प्यार से तैयार करें। उसके साथ बैठकर नाश्ता करें। अगर बच्चा जल्दी तैयार हो जाए तो उसकी तारीफ करें। छोटी छोटी positive बातें बच्चे का आत्मविश्वास बढ़ाती हैं।
अगर माता पिता खुद घबराए हुए दिखते हैं, तो बच्चा भी डर महसूस करता है। इसलिए बच्चे के सामने हमेशा शांत और सकारात्मक रहने की कोशिश करें।
कभी भी बच्चे को स्कूल का डर न दिखाएं। कई बार माता पिता बोल देते हैं कि अगर बात नहीं मानोगे तो स्कूल भेज देंगे। ऐसी बातें बच्चे के मन में डर पैदा कर सकती हैं।
बच्चे को बताएं कि स्कूल में नए दोस्त मिलेंगे, खेल होंगे और मजेदार चीजें सीखने को मिलेंगी। घर पर भी स्कूल जैसा माहौल बनाने की कोशिश करें। बच्चे के साथ रंग भरें, कविता बोलें और खेल खेलें। जब बच्चा सीखने को मजेदार समझता है, तब उसका डर धीरे धीरे कम होने लगता है।
कुछ बच्चों को अचानक लंबे समय के लिए स्कूल भेजना मुश्किल लगता है। शुरुआत में कम समय के लिए भेजें। फिर धीरे धीरे समय बढ़ाएं। इससे बच्चा स्कूल के माहौल को समझने लगता है। कई experts इसे अच्छा preschool separation anxiety solution मानते हैं क्योंकि इससे बच्चा सुरक्षित महसूस करता है।
अगर स्कूल अनुमति दे, तो पहले कुछ दिनों तक माता पिता बच्चे के साथ थोड़ी देर रुक सकते हैं। इससे बच्चा धीरे धीरे आत्मविश्वास महसूस करता है।
अगर बच्चा लगातार स्कूल जाने से मना कर रहा है, तो teacher से बात जरूर करें। कई बार teachers बच्चे के व्यवहार को देखकर उसकी परेशानी समझ लेती हैं। अच्छी teachers बच्चे को खेल और activities में शामिल करती हैं ताकि उसका ध्यान डर से हट सके।
जब घर और स्कूल दोनों मिलकर बच्चे की मदद करते हैं, तब बच्चा जल्दी सहज हो जाता है।
कई माता पिता कहते हैं कि दूसरे बच्चे तो आराम से स्कूल जाते हैं, तुम क्यों नहीं जाते। ऐसी तुलना बच्चे को कमजोर महसूस करा सकती है। हर बच्चे की आदतें और भावनाएं अलग होती हैं। कुछ बच्चे जल्दी घुलमिल जाते हैं, जबकि कुछ बच्चों को थोड़ा ज्यादा समय लगता है।
अगर बच्चा एक छोटा कदम भी आगे बढ़ाता है, तो उसकी तारीफ करें। जब बच्चा खुश महसूस करता है, तब वह धीरे धीरे अपने डर से बाहर आने लगता है।
बच्चे को यह महसूस होना चाहिए कि घर वाले उसकी मदद करेंगे। स्कूल से आने के बाद उससे प्यार से बात करें। पूछें कि आज उसने क्या किया। अगर बच्चा किसी बात से परेशान है, तो उसे गंभीरता से सुनें।
रात में सोने से पहले अगले दिन की तैयारी साथ में करें। उसका बैग तैयार करें और यूनिफॉर्म निकालकर रखें। इससे बच्चा मानसिक रूप से तैयार होने लगता है और उसका आत्मविश्वास बढ़ता है।
हर बच्चा अपनी गति से सीखता है। कुछ बच्चे एक हफ्ते में स्कूल के साथ सहज हो जाते हैं और कुछ बच्चों को महीनों लग सकते हैं। इसलिए धैर्य रखना जरूरी है। सच यह है कि बच्चे को प्यार, समय और भरोसे की जरूरत होती है।
अगर बच्चा रोज थोड़ा बेहतर कर रहा है, तो यह अच्छी बात है। उसे मजबूर करने के बजाय समझने की कोशिश करें। जब बच्चा सुरक्षित महसूस करता है, तब वह खुद स्कूल जाने में रुचि दिखाने लगता है।
छोटे बच्चों का स्कूल जाने से डरना सामान्य बात है। माता पिता अगर धैर्य और समझदारी से काम लें, तो बच्चा धीरे धीरे अपने डर से बाहर आने लगता है। बच्चे को डांटने के बजाय उसकी भावनाओं को समझना ज्यादा जरूरी है। सही माहौल, अच्छे teachers और परिवार के सहयोग से यह समस्या धीरे धीरे खत्म हो सकती है।
अगर आप बच्चे के लिए प्यार और समझ से भरा माहौल चाहते हैं, तो Sswings Preschool जैसे भरोसेमंद preschool बच्चे की शुरुआती learning journey को आसान और खुशहाल बनाने में मदद कर सकते हैं।
Ans. बच्चे को प्यार से समझाएं और धीरे धीरे school routine की आदत डालें। उसे सुरक्षित महसूस कराना बहुत जरूरी है।
Ans. जब बच्चा माता पिता से अलग होने पर डर या चिंता महसूस करता है, उसे preschool separation anxiety कहा जाता है।
Ans. बच्चे की बात ध्यान से सुनें, उसे भरोसा दिलाएं और school के बारे में positive बातें करें।
Ans. नहीं, बच्चे को प्यार और धैर्य से समझाना ज्यादा बेहतर तरीका माना जाता है।
Ans. हर बच्चा अलग होता है। कुछ बच्चे जल्दी adjust हो जाते हैं जबकि कुछ बच्चों को थोड़ा ज्यादा समय लग सकता है।